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Friday, September 2, 2016
Thursday, April 4, 2013
Sunday, June 3, 2012
Tuesday, October 25, 2011
Saturday, October 1, 2011
Thursday, September 29, 2011
Wednesday, September 28, 2011
Monday, September 26, 2011
Friday, September 16, 2011
Sunday, August 7, 2011
सिमटी रहे तू मुझमे
न जाना दूरकहीं, मेरी
सोहबत की छाँव से,
न होना दूर कभी |
कि बसती है तू ही
इन निगाहों में, मेरी
धड़कन भी है तू ही,
कोई और नहीं |
मीठा सा अहसास तेरे
स्पर्श का ओ सनम,
कभी न छूटे साथ तेरा,
सिमटी रहे तू मुझमे यूँही |
- दिनेश सरोज
Wednesday, August 3, 2011
Monday, July 18, 2011
मेरी नजरें
अब भी नहीं थमा,
वो तेरी और मुड़ जाना
मेरी नज़रों का,
तुझे देखते ही नजरें
मेरी अब भी
मचल जाती हैं,
फर्क सिर्फ इतना सा है
तब पलकें उठ-उठ कर
तुझे देखा करती थीं,
अब इन आंसुओं को
छुपाने का सब से
जतन किया करती हैं...!
वो तेरी और मुड़ जाना
मेरी नज़रों का,
तुझे देखते ही नजरें
मेरी अब भी
मचल जाती हैं,
फर्क सिर्फ इतना सा है
तब पलकें उठ-उठ कर
तुझे देखा करती थीं,
अब इन आंसुओं को
छुपाने का सब से
जतन किया करती हैं...!
- दिनेश सरोज
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Wednesday, July 6, 2011
जो उनके मदहोशी में खोये न होते कभी...!
महसूस न किया होता अपने
दिल की धडकनों को कभी,
उनके दिदार ने धड़कनों को
जो कभी रोका न होता,
बढ़ चले होते संग
कारवां के हम भी,
जो उनके मदहोशी में
खोये न होते कभी...!
दिल की धडकनों को कभी,
उनके दिदार ने धड़कनों को
जो कभी रोका न होता,
बढ़ चले होते संग
कारवां के हम भी,
जो उनके मदहोशी में
खोये न होते कभी...!
- दिनेश सरोज
छवि साभार
Monday, June 27, 2011
इक खुशबू की तलाश में...!
जब थी हसरतें इस दिल में
ज़ानिब उनके आगोश की,
उड़ती रही वो तितली बन
महकते फूलों की दरकार में|
हम होश संभाले बैठे ही थे
कि पतझर का मौसम आया,
देखा फिरते बदहवास उन्हें
किसी खुशबू की तलाश में|
- दिनेश सरोज
ज़ानिब उनके आगोश की,
उड़ती रही वो तितली बन
महकते फूलों की दरकार में|
हम होश संभाले बैठे ही थे
कि पतझर का मौसम आया,
देखा फिरते बदहवास उन्हें
किसी खुशबू की तलाश में|
- दिनेश सरोज
छवि साभार: गूगल छवि
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Thursday, May 19, 2011
What is...?
What is Life?
Mystery of future
or History of Past.
or Being a Present.
What is Dream?
Dreaming someone
or Being someones Dream.
What is Love?
Being together
or Being for each other.
Mystery of future
or History of Past.
or Being a Present.
What is Dream?
Dreaming someone
or Being someones Dream.
What is Love?
Being together
or Being for each other.
- Dins'
छवि साभार : गूगल छवि
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Monday, January 24, 2011
वफ़ा की मूरत...!
थक के न हार ऐ मुसाफिर,
यूँ बैठ जाने से मंजिल न मिलेगी |
टूटे हुए कांच के टुकड़ों में,
तुझे सूरत ठीक से न दिखेगी |
तू यूँ ही रोता रहा गर'
किसी की बेवफाई पर,
तो रुन्धाई आँखों से
वफ़ा की मूरत न दिखेगी |
यूँ बैठ जाने से मंजिल न मिलेगी |
टूटे हुए कांच के टुकड़ों में,
तुझे सूरत ठीक से न दिखेगी |
तू यूँ ही रोता रहा गर'
किसी की बेवफाई पर,
तो रुन्धाई आँखों से
वफ़ा की मूरत न दिखेगी |
- दिनेश सरोज
छवि साभार : गूगल छवि
Monday, January 3, 2011
वफ़ा की उम्मीद
याद उनकी जिन्दा रखी है हमने अब भी,
उफ़नते सिने की ज्वाला से बचा कर,
तक़दीर ने छिनना चाहा उन्हें हमसे,
हर टूटती सांस से, बांधे रखा उन्हें हमने,
आरज़ू तो न हुई पूरी पाने की उसे,
फिर भी आस का सिलसिला टूटनें न दिया,
बेवफा भी तो न कह सकेंगे हम उन्हें,
हमसे ही, देर हुई बातें दिल की कहने में,
वफ़ा की उम्मीद तो तभी कर सकते थे हम,
जब जिंदगी में कभी उनके हो पाते...!
- दिनेश सरोज
छवि साभार : गूगल छवि
Tuesday, December 14, 2010
I still feel you!
That moment gone,
days are gone too,
Your sweet memories
still striking through,
We never knew when
enjoying together,
That we would
get apart this soon,
your sweet mumbling,
that cute glimpse of yours,
still amazed me for moments.
Doesn't matter if you
aren't with me right now,
I often hear you calling me,
I still feel your Hug,
I can see you dancing too.
I still cover my ears
for your screaming.
Tears get slid from eyes,
Whenever you come across
from those sweet memories!
days are gone too,
Your sweet memories
still striking through,
We never knew when
enjoying together,
That we would
get apart this soon,
your sweet mumbling,
that cute glimpse of yours,
still amazed me for moments.
Doesn't matter if you
aren't with me right now,
I often hear you calling me,
I still feel your Hug,
I can see you dancing too.
I still cover my ears
for your screaming.
Tears get slid from eyes,
Whenever you come across
from those sweet memories!
- Dinesh Saroj
Friday, November 12, 2010
प्यार में नाम कर जाओगे
प्यार को न तौलो आंसुओं से,
.
जितना बहाओगे प्यार में तुम आंसू,
.
उतना ही ज्यादा उसे सींचते जाओगे,
.
करोगे जितना टूट कर मुह्हबत सनम से,
.
प्यार में नाम उतना तुम कर जाओगे |
.
जितना बहाओगे प्यार में तुम आंसू,
.
उतना ही ज्यादा उसे सींचते जाओगे,
.
करोगे जितना टूट कर मुह्हबत सनम से,
.
प्यार में नाम उतना तुम कर जाओगे |
" दिनेश सरोज "
छवि साभार : गूगल छवि
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