Showing posts with label धडकन. Show all posts
Showing posts with label धडकन. Show all posts

Sunday, August 7, 2011

सिमटी रहे तू मुझमे



यूँ ही रहना इन बाँहों में,
न जाना दूरकहीं, मेरी 
सोहबत की छाँव से,
न होना दूर कभी |

कि बसती है तू ही 
इन निगाहों में, मेरी  
धड़कन भी है तू ही, 
कोई और नहीं |

मीठा सा अहसास तेरे 
स्पर्श का ओ सनम,
कभी न छूटे साथ तेरा,
सिमटी रहे तू मुझमे यूँही |


- दिनेश सरोज



छवि साभार: Salina Trevino

Wednesday, July 6, 2011

जो उनके मदहोशी में खोये न होते कभी...!



महसूस न किया होता अपने
दिल की धडकनों को कभी,
उनके दिदार ने धड़कनों को
जो कभी रोका न होता,

बढ़ चले होते संग
कारवां के हम भी,
जो उनके मदहोशी में
खोये न होते कभी...!

- दिनेश सरोज

छवि साभार